
नई दिल्ली | 25 जुलाई 2026
देश की राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर बने अभूतपूर्व माहौल के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan Resignation) ने शनिवार दोपहर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है।
यह घटनाक्रम NEET-UG और अन्य प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन पर उठे गंभीर सवालों और देश के अलग-अलग हिस्सों में भड़के छात्र असंतोष का सीधा परिणाम है।
30 दिनों से अधिक समय से जंतर-मंतर पर डटे थे छात्र -( Dharmendra Pradhan Resignation )
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से कई छात्र संगठनों और युवाओं द्वारा लगातार अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा था। देश के प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, जयपुर, पटना और गुवाहाटी में भी इस आंदोलन की लहर देखी जा रही थी।
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित थीं:
- परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी तय करना।
- शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष नेतृत्व का त्यागपत्र।
- पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और नए सिरे से जांच का आश्वासन।
सरकार और प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों के बीच कई बार वार्ता की कोशिशें हुईं, लेकिन छात्र नैतिक जवाबदेही के बिना आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं थे।
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया ‘X’ पर क्या कहा?
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में Twitter) खाते पर एक पत्र साझा कर देश के युवाओं और शिक्षकों को संबोधित किया।
“मेरे तरुण सहकारियों, मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से विद्यार्थियों और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहा हूँ। वर्तमान परिस्थितियों में किसी भी युवा का भविष्य कानूनी उलझनों या राजनीति की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। देश की एकता और छात्रों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए मैंने अपना इस्तीफा माननीय प्रधानमंत्री जी को सौंप दिया है।”
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
| विषय | विवरण |
| घटनाक्रम | केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद से त्यागपत्र |
| दिनांक | 25 जुलाई 2026 |
| प्राथमिक कारण | NEET-UG पेपर लीक विवाद और देशव्यापी छात्र आंदोलन |
| मुख्य केंद्र | जंतर-मंतर (नई दिल्ली) और देश के अन्य प्रमुख शहर |
| आगे की प्रक्रिया | केंद्रीय मंत्रिमंडल में नए शिक्षा मंत्री के नाम की जल्द घोषणा संभावित |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
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धर्मेंद्र प्रधान ने किस तारीख को इस्तीफा दिया?
धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दिया।
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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मुख्य वजह क्या है?
NEET-UG और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक व अनियमितताओं के आरोपों के चलते दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे उग्र छात्र आंदोलनों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
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उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी कहाँ साझा की?
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर एक सार्वजनिक पोस्ट के माध्यम से अपने इस्तीफे की घोषणा की और त्यागपत्र की कॉपी साझा की।
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क्या इससे पहले भी सरकार और छात्रों के बीच बातचीत हुई थी?
हाँ, सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी, लेकिन छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नैतिक जवाबदेही पर अड़े रहे।